
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीक्रेट सोल्जर्स ने ना सिर्फ इजराइल डिफेंस फोर्सेस के कई जवानों की जान बचाई बल्कि उनकी ज़िंदगी बचाते बचाते अपनी जान कुर्बान कर दी. ये इजराइल के वो योद्धा हैं, जिनके पास ना कोई टैंक था, ना बंदूक, ना बम, ना बारूद. फिर भी इन्होंने सबसे पहले हर खतरे को महसूस किया और उसके सिग्नल IDF के जवानों तक भेजे.
इजराइल के उन्हीं K-9 यूनिट के डॉग्स की जो गाजा में शहीद हो गए. इजराइल के मुताबिक़ गाजा में उसके 4 K-9 यूनिट के डॉग मारे गए जिन्होंने मिलकर गाजा में मौजूद हमास के कम से कम 50 विस्फोटकों और बड़ी संख्या में हथियार के अड्डों को एक्सपोज़ किया. बंधकों को ढूंढने में मदद की और अपने जवानों की जान बचाई. पूरे गाजा में जगह जगह सुरंगों का जाल है. हमास के लड़ाकों के अड्डे हैं. कदम-कदम पर हमास ने इजराइल के लिए मौत का सामान बिछा रखा है.
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इजराइल के ओकेट्स यूनिट के K-9 डॉग्स उन्हीं खतरों की चेतावनी इजराइल तक पहुंचा रहे हैं और उनके लिए सुरक्षा कवच बन गए हैं. IDF ने बनाया है कि गाजा में ऑपरेशन के दौरान जो 4 K-9 डॉग शहीद हुए हैं उनका पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा.
इजराइल के ये बेजुबान बहादुर अब गाजा में हमास के ख़िलाफ़ खूंखार शिकारी और IDF का सबसे कारगर हथियार बन गए हैं और उन ऑपरेशंस को भी अंजाम दे रहे हैं जिन्हें पूरा करना इजराइल की डिफेंस फोर्स के लिए मुश्किल है.
- इजराइल के मुताबिक़ K9 यूनिट्स के डॉग्स पूरे ऑपरेशन में क़रीब 200 आम नागरिकों को बचा चुके हैं और इजराइल के उन बंधकों का पता लगा चुके हैं जो हमास की कैद में हैं.
- इसके अलावा खतरे को भांपते हुए इन डॉग्स ने IDF के कई जवानों की जान भी बचाने का काम किया है.
- हमास के लड़ाकों के लिए भी ये डॉग्स काल बनकर गाजा पहुंचे हैं. जानकारी के मुताबिक़ अब तक K9 यूनिट्स के ये योद्धा हमास के 10 से ज़्यादा लड़ाकों को भी मारने में कामयाब हुए हैं.
- इजराइल की इस यूनिट को इजराइल डिफेंस फोर्सेस में शामिल तमाम यूनिट में बेहद घातक माना जाता है.
- ये यूनिट डॉग्स के सहारे स्पेशल ऑपरेशन करती हैं और इसमें शामिल हर डॉग को हथियार और विस्फोटकों का पता लगाने, लोगों को ढूंढने और जान बचाने की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है.
- ये डॉग्स आतंक विरोधी अभियान के लिए माहिर होते है और अहम भूमिका निभाते हैं.
- ये ना सिर्फ हथियारों को खोज निकालते हैं बल्कि ये भी सुराग देते हैं कि आतंकी कहां छिपे हुए हैं.
- साथ ही साथ इन्हें बचाव अभियान के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है.
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K-9 यूनिट ओकेट्ज़ इजराइल की डिफेंस टीम का हिस्सा है. जिसकी शुरुआत सेंट्रल इजराइल के सिरकिन बेस में वर्ष 1974 में की गई थी. जब यहां आतंकी हमले हुए और इस यूनिट्स के डॉग्स ने आतंकियों को भी ढूंढ निकाला था. गाजा की जंग के अलावा वर्ष 1970, 1980 और 1988 में चले इजराइल के ऑपरेशन में भी ये डॉग्स इजराइली सेना की मदद कर चुके हैं और अब गाजा में भी ये IDF के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो रहे हैं.
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