150 Kmph की स्पीड को टच करने की चाहत…ASP के बेटे को SUV से रौंदने की इनसाइड स्टोरी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एडिशनल एसपी श्वेता श्रीवास्तव के इकलौते बेटे की सड़क हादसे में मंगलवार को दर्दनाक मौत हो गई. मृतक बच्चे का नाम नैमिश श्रीवास्तव था. वहीं, पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ा है. पुलिस की पूछताछ में इस हादसे को लेकर आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम सार्थक सिंह और देवश्री वर्मा है. सार्थक एमिटी कॉलेज में बीएएलएलबी का छात्र है, वहीं देवश्री वर्मा बीटेक की पढ़ाई कर रहा है. जिस कार से यह हादसा हुआ है, वह देवश्री वर्मा के चाचा की कार थी. पुलिस ने बताया कि कार सार्थक चला रहा था. वहीं, कार में बैठा दूसरा आरोपी देवश्री वर्मा सार्थक को कार स्पीड में चलाने को बोल रहा था. पुलिस की माने तो देवश्री सार्थक को 150 किमी/घंटा से अधिक गति से गाड़ी चलाने के लिए उकसा रहा था.

सोमवार को देवश्री ने चाचा से ले ली थी SUV की चाबी

पुलिस ने बताया कि देवश्री नई एसयूवी को ड्राइव करना चाहता था, इसलिए उसने अपने चाचा से सोमवार की रात में ही गाड़ी की चाबी ले ली थी. यह बात उसने कबूल भी की है. सुबह में पुलिस की चेकिंग कम होती है, इसलिए वह गाड़ी लेकर निकले थे. देवश्री ने जनेश्वर मिश्र पार्क के आसपास के इलाके में गाड़ी ड्राइव की. यहां रास्ते में एक महिला और उसकी बच्ची भी उसके वाहन के चपेट में आने से बची थीं. इसके बाद सार्थक गाड़ी चलाने लगा.

इसलिए मौके से आरोपी भागे…

पुलिस के मुताबिक, सार्थक के पास केवल लर्निंग लाइसेंस था. हालांकि, देवश्री के पास स्थायी लाइसेंस था. यह हादसा मंगलवार को हुआ है. हादसे में जान गवाने वाले बच्चे की उम्र 10 साल बताई जा रही है. वहीं, आरोपियों ने पुलिस के सामने यह कबूल किया है कि उन्हें पता था कि बच्चे की जान नहीं बचेगी, इसलिए वह डर के मारे मौके से भाग गए थे.

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