राजस्थान में थमा चुनाव प्रचार का शोर, 199 विधानसभा सीटों पर शनिवार को मतदान

राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए जनसभाओं और रैलियों का दौर गुरुवार को थम गया. अब उम्मीदवार डोर-टू-डोर जाकर ही मतदाताओं से अपील करेंगे. राज्य में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी दल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बीच माना जा रहा है. इस चुनाव में कांग्रेस ने अपने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार के काम, उसकी योजनाओं को सामने रखकर जनता से समर्थन मांगा.

इसके अलावा कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में सात महत्वाकांक्षी योजनाओं का बी ऐलान किया है. वहीं भाजपा राज्य में अपराध, तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर हमलावर रही है. साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर भी जनता के बीच जा रही है.

बड़े नेताओं ने संभाली चुनावी कमान

कांग्रेस की ओर से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अन्य नेताओं ने कई चुनावी सभाओं को संबोधित किया. वहीं भाजपा के प्रचार अभियान की बागडोर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संभाली. उन्होंने बीते कई दिनों में अनेक जगह जनसभाएं कीं. उन्होंने बीकानेर और जयपुर में रोड शो भी किया.

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इसी तरह भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राजनाथ सिंह ने भी कई जनसभाएं कीं.

199 सीटों पर मतदान

बता दें कि राजस्थान में 200 विधानसभा सीट हैं. हालांकि करणपुर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार गुरमीत सिंह कुन्नर का निधन हो गया है. जिस कारण 199 सीटों पर मतदान होगा. निर्वाचन आयोग के एक बयान के अनुसार राज्य के 199 विधानसभा क्षेत्रों में 25 नवम्बर को मतदान होगा, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

कुल मतदाताओं की संख्या

विधानसभा क्षेत्रों में कुल 51,507 मतदान केंद्र और 5,26,90,146 मतदाता हैं. राज्य में 18-30 आयु वर्ग के 1,70,99,334 युवा मतदाता हैं, जिनमें 18-19 आयु वर्ग के 22,61,008 नव मतदाता शामिल हैं. राज्य में कुल 36,101 स्थानों पर मतदान केन्द्र बनाए गए हैं. इसमें 10 हजार 501 मतदान केेंद्र शहरी क्षेत्र और 41 हजार छह ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए हैं.

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मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग

वहीं 26 हजार 393 मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग करवाई जाएगी. जिला स्तरीय कंट्रोल रूम से इन मतदान केंद्रों पर निगरानी की जाएगी. राज्य भर में 65 हजार 277 बैलट यूनिट, 62 हजार 372 कंट्रोल यूनिट और 67 हजार 580 वीवीपैट मशीनें रिजर्व मतदान कार्य में उपयोग लायी जाएंगी. आयोग ने बताया कि विधानसभा चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने के लिए 6,287 माइक्रो आब्जर्वर और 6247 सेक्टर अधिकारी नियुक्त किए गए हैं.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि 2 लाख 74 हजार846 मतदान कर्मी मतदान सम्पन्न कराएंगे. उनका कहना था कि 7960 महिला मतदानकर्मी महिला प्रबन्धित मतदान केंद्रों पर और 796 दिव्यांग मतदान कार्मिक दिव्यांग प्रबन्धित मतदान केंद्रों पर कमान संभालेंगे.

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एक लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान सम्पन्न कराने के लिए कुल 1,02,290 सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. उनके अनुसार कुल 69 हजार 114 पुलिस कर्मी, 32 हजार 876 राजस्थान होमगार्ड, फोरेस्ट गार्ड और आरएसी जवानों का बल तैनात किया गया है और सीएपीएफ की 700 कंपनिंयां तैनात की गयी है. उनका कहना था कि निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिए मतदान दिवस पर सघन जांच और निगरानी के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन फ्लाइंग स्क्वॉड, तीन एसएसटी दल तैनात रहेंगे. उनके अनुसार मतदान के लिए कुल 41 हजार 224 बड़े तथा छोटे वाहनों का अधिग्रहण किया गया है.

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