
तमिलनाडु के विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद बी मानिकम टैगोर ने रविवार को इंडियन ओवरसीज बैंक की ओर से आयोजित एक समारोह में स्थानीय सांसदों को शामिल नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई थी. जिसके बाद अब लोकसभा सचिवालय ने वित्त मंत्री के पर्सनल सेक्रेटरी और केंद्रीय वित्त मंत्रालय से जवाब मांगा है. सचिवालय ने इसके लिए दोनों लोगों को 15 दिन का समय दिया है.
दरअसल, बी मानिकम टैगोर ने इस संबंध में लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी. लोकसभा स्पीकर को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि विरुधुनगर क्षेत्र से सांसद होने के बाद भी समारोह के लिए छापे गए निमंत्रण कार्ड पर उनका नाम नहीं छापा गया. इसके साथ-साथ दो अन्य सांसदों, तेनकासी से धनुष एम कुमार, और रामनाथपुरम के सांसद कनि के नवास के नाम भी गायब थे.
‘आयोजकों को निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए’
उन्होंने पत्र में लोकसभा स्पीकर से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी. मानिकम ने कहा था कि आयोजकों को निर्धारित प्रक्रियाओं को पालन करना चाहिए और क्षेत्र से संबंधित सांसदों को निमंत्रण दिया जाना चाहिए. स्थानीय सांसदों का बहिष्कार केवल लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के सिद्धांतों का खंडन करता है. यह प्रशासन और सांसदों के बीच आधिकारिक व्यवहार पर समेकित दिशानिर्देशों के भी खिलाफ है.


सुधारात्मक कार्रवाई की थी मांग
उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि सरकारी कार्यालयों की ओर से आयोजित सार्वजनिक समारोहों में सांसदों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाना चाहिए. टैगोर ने आशा व्यक्त की कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक सिद्धांतों की अखंडता बनाए रखने के लिए सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी.
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